Physics

विभवमापी, विभवमापी द्वारा सेलो के विद्युत वाहक बलों की तुलना, आतंरिक प्रतिरोध

विभवमापी – ये काफी अधिक महत्वपूर्ण Topic है, और ये 12th Board exam में कई बार पूछा जा चूका है तथा विभवमापी से सम्बंधित एक या दो प्रश्न प्रत्येक   Exam में पूछे जाते है।
विभवमापी की परिभाषा, विभवमापी सिद्धांत, विभवमापी द्वारा सेलो के विद्युत वाहक बलों की तुलना, विभवमापी द्वारा सेलो का आतंरिक प्रतिरोध

विभवमापी

विभवमापी विभवांतर नापने का एक उपकरण है, जिसके द्वारा किसी भी सेल के विद्युत वाहक बल या फिर किसी विद्युत परिपथ के दो बिन्दुओ के बीच का विभवांतर नापा जाता है। यह अनंत प्रतिरोध का वोल्ट्मीटर होता है।

सिद्धांत 

जब एकसमान परिच्छेद के तार में नियत धारा बह रही हो, तो तार के किसी भी भाग के सिरों के बीच विभवांतर उस भाग की लम्बाई के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात
               V∝l

V=Kl
यहाँ पे K विभवमापी के तार में विभव प्रवणता है।

विभवमापी द्वारा दो सेलो के विद्युत वाहक बलों की तुलना 

माना प्रथम सेल का विद्युत वाहक बल E₁ तथा उसके संगत विभवमापी के तार की संतुलित लम्बाई l₁ हो तो
   E₁=Kl₁———————समीकरण -1


यदि दुतीय सेल का विद्युत वाहक बल E₂ तथा उसके संगत संतुलन लम्बाई l₂ हो तो
   E₂=kl₂———————-समीकरण -2

समीकरण 1 को समीकरण 2 से भाग देने पर

विभवमापी, विभवमापी द्वारा सेलो के विद्युत वाहक बलों की तुलना, आतंरिक प्रतिरोध

विभवमापी द्वारा सेल का आतंरिक प्रतिरोध 

माना किसी सेल का विद्युत वाहक बल E Volt तथा आतंरिक प्रतिरोध r ओम है, जब इस सेल को R ओम के प्रतिरोध के बाह्य परिपथ में जोड़ा  जाता है। तो परिपथ में बहने वाली धारा

Also Read – प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light in Hindi)

विभवमापी, विभवमापी द्वारा सेलो के विद्युत वाहक बलों की तुलना, आतंरिक प्रतिरोध

यदि प्रतिरोध R के सिरों के बीच विभवांतर v हो तो
         V=iR————-समीकरण 2
समीकरण 1 को समीकरण 2 से भाग देने पर

विभवमापी, विभवमापी द्वारा सेलो के विद्युत वाहक बलों की तुलना, आतंरिक प्रतिरोध

यदि किसी लाकलांशी सेल के खुले परिपथ में विभवमापी के तार की संतुलित लम्बाई l₂ हो तो E=kl₁

Also Read – विद्युत् धारा किसे कहते है, विद्युत् धारा की परिभाषा, विद्युत् धारा का मात्रक तथा चालक में विद्युत् धारा 

About the author

Smartblogskill

Leave a Comment